जाति प्रमाण पत्र आवेदन की तारीख से 21 कार्य दिवसों के भीतर बनता है। यह समय-सीमा बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 के तहत तय है। 21 कार्य दिवस बीतने पर भी प्रमाण पत्र न मिलने पर आवेदक अनुमंडल पदाधिकारी के पास पहली अपील दायर कर सकता है।
जाति प्रमाण पत्र की तय समय-सीमा
बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम राज्य के हर विभाग की सेवाओं के लिए अलग समय-सीमा तय करता है। जाति प्रमाण पत्र इस अधिनियम की अनुसूचित सेवाओं में शामिल है, इसलिए इसकी समय-सीमा कानूनी रूप से बाध्यकारी है, केवल एक सुझाव नहीं।
| सेवा | तय समय-सीमा | जारी करने वाला अधिकारी |
|---|---|---|
| जाति प्रमाण पत्र (SC/ST) | 21 कार्य दिवस | अंचल अधिकारी / अनुमंडल पदाधिकारी |
| जाति प्रमाण पत्र (OBC/NCL) | 21 कार्य दिवस | अंचल अधिकारी / अनुमंडल पदाधिकारी |
| आय प्रमाण पत्र | 15 कार्य दिवस | अंचल अधिकारी |
| निवास प्रमाण पत्र | 10 कार्य दिवस | अंचल अधिकारी |
| प्रथम अपील का निष्पादन | 15 कार्य दिवस | अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) |
कार्य दिवस की गणना में रविवार और सरकारी अवकाश शामिल नहीं होते। इसका मतलब है कि 21 कार्य दिवस कैलेंडर के हिसाब से सामान्यतः 28 से 30 दिन के बराबर होते हैं। OBC और NCL (Non-Creamy Layer) श्रेणी के आवेदकों के लिए समय-सीमा वही 21 कार्य दिवस है, लेकिन दस्तावेज़ आवश्यकताएं अलग होती हैं — इसकी पूरी जानकारी OBC NCL सर्टिफिकेट बिहार पेज पर उपलब्ध है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज़
समय-सीमा के भीतर प्रमाण पत्र पाने के लिए सही दस्तावेज़ पहली बार में ही जमा करना जरूरी है। जाति प्रमाण पत्र के आवेदन में इन दस्तावेज़ों की जरूरत पड़ती है:
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण (राशन कार्ड, बिजली बिल या वोटर आईडी)
- स्व-घोषणा पत्र (Self-Declaration Form)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- परिवार के किसी सदस्य का पुराना जाति प्रमाण पत्र, यदि उपलब्ध हो
- OBC/NCL श्रेणी के लिए अभिभावक का आय प्रमाण पत्र
पुराने पारिवारिक प्रमाण पत्र की उपलब्धता सत्यापन प्रक्रिया को तेज करती है, क्योंकि राजस्व अधिकारी को नए सिरे से जांच नहीं करनी पड़ती।
ऑनलाइन आवेदन बनाम RTPS काउंटर से आवेदन
आवेदक दो तरीकों से जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकता है। दोनों तरीकों की तय समय-सीमा एक जैसी है, लेकिन प्रक्रिया अलग होती है:
| पहलू | ऑनलाइन आवेदन (rtps.org.in) | RTPS काउंटर / CSC |
|---|---|---|
| आवेदन का तरीका | स्वयं पोर्टल पर लॉगिन करके | काउंटर पर जाकर सहायक की मदद से |
| दस्तावेज़ अपलोड | स्कैन कॉपी स्वयं अपलोड करनी होती है | काउंटर संचालक अपलोड करता है |
| निर्धारित शुल्क | ऑनलाइन भुगतान | नकद भुगतान काउंटर पर |
| स्टेटस ट्रैकिंग | पोर्टल पर तुरंत उपलब्ध | काउंटर पर पूछना पड़ता है |
| समय-सीमा | 21 कार्य दिवस | 21 कार्य दिवस |
समय-सीमा में अंतर क्यों आता है
तय समय-सीमा के बावजूद वास्तविक प्रतीक्षा समय हर मामले में अलग होता है। तीन मुख्य कारण इसके लिए जिम्मेदार हैं:
- राजस्व अधिकारी की रिपोर्ट। अंचल स्तर पर आवेदक के निवास और जाति की स्थानीय जांच होती है। इस जांच में लगने वाला समय क्षेत्र के अनुसार बदलता है।
- दस्तावेज़ में त्रुटि। नाम, पता या जन्म तिथि में बेमेल होने पर आवेदन सुधार के लिए वापस भेजा जाता है। सुधार के बाद दोबारा जमा करने पर नई 21-दिन की समय-सीमा शुरू होती है।
- आवेदनों की मात्रा। भर्ती परीक्षा या दाखिले के मौसम में एक साथ आने वाले आवेदनों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे सत्यापन प्रक्रिया धीमी होती है।
आवेदन की स्थिति कैसे जांचें
RTPS पोर्टल पर स्थिति जांचने के लिए इन चरणों का पालन करें:
- rtps.org.in पर जाएं।
- “आवेदन की स्थिति” (Application Status) विकल्प चुनें।
- आवेदन संख्या (Application Reference Number) दर्ज करें।
- “खोजें” बटन पर क्लिक करें।
स्टेटस पर तीन में से कोई एक संदेश दिखता है:
| स्टेटस | अर्थ |
|---|---|
| Pending / Under Process | आवेदन जांच में है, तय समय-सीमा अभी बाकी है |
| Sent Back for Correction | दस्तावेज़ में त्रुटि है, सुधार के बाद फिर से जमा करना होगा |
| Approved / Ready for Download | प्रमाण पत्र तैयार है, डाउनलोड किया जा सकता है |
पूरी आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़ों की सूची जाति प्रमाण पत्र कैसे बनाएं पेज पर विस्तार से दी गई है।
21 दिन बाद भी प्रमाण पत्र नहीं मिला — पहला कदम
21 कार्य दिवस पूरे होने के बाद भी स्टेटस “Pending” दिखे, तो आवेदक को पहली अपील (First Appeal) दायर करनी होती है। यह अपील अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के पास होती है, जो बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के तहत प्रथम अपीलीय प्राधिकारी नामित है।
अपील “Sent Back for Correction” स्टेटस पर लागू नहीं होती। इस स्थिति में सबसे पहले बताई गई त्रुटि सुधारकर आवेदन फिर से जमा करना होता है।
पहली अपील कैसे दायर करें
पहली अपील दायर करने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- rtps.org.in पर लॉगिन करें।
- “अपील/शिकायत” (Appeal) सेक्शन खोलें।
- मूल आवेदन संख्या दर्ज करें।
- देरी का कारण संक्षेप में लिखें।
- अपील सबमिट करें और प्राप्ति रसीद सुरक्षित रखें।
अनुमंडल पदाधिकारी को अधिनियम के तहत 15 कार्य दिवसों के भीतर अपील का निपटारा करना होता है।
पहली अपील पर भी जवाब न मिले तो
पहली अपील पर 15 कार्य दिवस के भीतर जवाब न मिलने पर आवेदक द्वितीय अपील (Second Appeal) दायर कर सकता है। यह अपील जिला पदाधिकारी के पास होती है, जो अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी का दायित्व निभाते हैं। प्रक्रिया पहली अपील जैसी ही है — आवेदन संख्या, पहली अपील की संख्या और कारण दर्ज करना होता है। दोनों अपील rtpsappeal.bihar.gov.in या rtps.org.in के माध्यम से ऑनलाइन दायर की जा सकती हैं।
देरी के लिए अधिकारी पर जुर्माने का प्रावधान
बिहार लोक सेवाओं का अधिकार नियमावली, 2011 की धारा 8 के तहत बिना उचित कारण देरी करने वाले नामित पदाधिकारी पर आर्थिक दंड का स्पष्ट प्रावधान है। देरी के हर दिन के लिए ₹250 प्रतिदिन का जुर्माना लगता है, जो अधिकतम ₹5,000 तक हो सकता है। यह राशि संबंधित पदाधिकारी के वेतन से वसूली जाती है। यह प्रावधान आवेदक को केवल प्रतीक्षा तक सीमित नहीं रखता, बल्कि तय समय-सीमा को एक लागू करने योग्य कानूनी अधिकार बनाता है।
आवेदन करते समय देरी से बचने के उपाय
इन बिंदुओं का पालन करने पर आवेदन के पहली बार में स्वीकृत होने की संभावना बढ़ती है:
- आधार कार्ड पर दर्ज नाम और आवेदन फॉर्म का नाम एक जैसा रखें।
- पते का प्रमाण (राशन कार्ड, बिजली बिल) वर्तमान पते से मेल खाना चाहिए।
- दस्तावेज़ों की स्कैन कॉपी स्पष्ट और 200 KB से कम आकार में अपलोड करें।
- मोबाइल नंबर वही दर्ज करें जो सक्रिय हो, क्योंकि OTP और स्टेटस अपडेट इसी नंबर पर आते हैं।
- OBC श्रेणी में गैर-क्रीमी लेयर के लिए आय प्रमाण पत्र भी साथ में तैयार रखें; इसके बिना OBC-NCL आवेदन अक्सर रुक जाता है। ताज़ा श्रेणी नियमों की जानकारी बिहार नई OBC नियम पेज पर उपलब्ध है।
स्वीकृति के बाद प्रमाण पत्र कैसे मिलता है
आवेदन स्वीकृत होने पर प्रमाण पत्र इनमें से किसी भी माध्यम से आवेदक तक पहुंचता है:
- SMS में डाउनलोड लिंक
- ईमेल में अनुलग्नक (Attachment)
- DigiLocker
- ServicePlus पोर्टल का इनबॉक्स
- rtps.org.in पर सीधे डाउनलोड
- RTPS काउंटर या CSC केंद्र से भौतिक प्रति
स्वीकृति के 24 घंटे बाद प्रमाण पत्र डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाता है। स्वीकृति की सूचना मिलते ही तुरंत डाउनलोड करने की कोशिश करने पर पोर्टल पर त्रुटि दिख सकती है, इसलिए 24 घंटे की प्रतीक्षा जरूरी है।
प्रमाण पत्र मिलने के बाद ध्यान रखने वाली बात
प्रमाण पत्र डाउनलोड होने के बाद भी इसकी वैधता अवधि जांचना जरूरी है, क्योंकि कुछ श्रेणियों में प्रमाण पत्र की एक निश्चित वैधता अवधि होती है और उसके बाद नवीनीकरण जरूरी होता है। वैधता अवधि और नवीनीकरण प्रक्रिया की पूरी जानकारी कास्ट सर्टिफिकेट वैलिडिटी पेज पर दी गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जाति प्रमाण पत्र कितने दिन में बनता है?
जाति प्रमाण पत्र 21 कार्य दिवसों में बनता है।
क्या रविवार और सरकारी छुट्टी इस 21 दिन में गिनी जाती है?
नहीं, कार्य दिवस की गणना में रविवार और सरकारी अवकाश शामिल नहीं होते।
21 दिन के बाद देरी की पहली शिकायत किससे करें?
पहली अपील अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के पास दर्ज होती है।
अपील पर कितने दिनों में जवाब आना चाहिए?
अनुमंडल पदाधिकारी को 15 कार्य दिवसों के भीतर अपील का निपटारा करना होता है।
देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारी पर क्या जुर्माना लगता है?
अधिकारी पर ₹250 प्रतिदिन का जुर्माना लगता है, जो अधिकतम ₹5,000 तक हो सकता है।
क्या ऑनलाइन अपील दायर की जा सकती है?
हां, rtpsappeal.bihar.gov.in पर लॉगिन करके अपील ऑनलाइन दायर की जा सकती है।
अगला कदम
21 कार्य दिवस पूरे होने पर rtps.org.in पर आवेदन संख्या डालकर स्टेटस जांचें। स्टेटस “Pending” दिखे तो उसी पोर्टल से पहली अपील दायर करें।
जाति, आय, निवास और अन्य प्रमाणपत्रों से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए RTPS Bihar की गाइड देखें।

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