बिहार में 2026 में OBC से जुड़े तीन बड़े बदलाव हुए हैं। पहला, caste certificate बनाने की प्रक्रिया अब सिर्फ Aadhaar card पर आधारित नहीं है। दूसरा, creamy layer तय करने का नियम बदला है। तीसरा, 65% reservation से जुड़ा case अब भी Supreme Court में लंबित है। इन तीनों का सीधा असर OBC certificate, NCL certificate और reservation के दावे पर पड़ता है।
यह article इन तीनों बदलावों को एक जगह, तथ्यों और आधिकारिक आंकड़ों के साथ बताता है।
बिहार में OBC किसे कहा जाता है
OBC (Other Backward Class) बिहार में एक आधिकारिक आरक्षित category है, जिसमें केंद्र सरकार की सूची के अनुसार 130 से अधिक जातियाँ शामिल हैं बिहार सरकार राज्य स्तर पर इसी वर्ग को दो हिस्सों में बांटती है — BC1 और BC2। यह विभाजन सिर्फ राज्य की नौकरियों और परीक्षाओं में लागू होता है।
केंद्र सरकार सिर्फ OBC श्रेणी को मान्यता देती है। केंद्र सरकार BC1 और BC2 का विभाजन नहीं मानती है। इसका मतलब यह है कि राज्य स्तर की नौकरी और परीक्षा में BC1/BC2 वर्गीकरण लागू होता है, जबकि UPSC, SSC या Railway जैसी केंद्रीय परीक्षा में सिर्फ Central OBC List मान्य होती है।
बिहार में आरक्षित वर्गों की चार मुख्य श्रेणियाँ हैं:
| श्रेणी | पूरा नाम | मान्यता स्तर |
|---|---|---|
| SC | Scheduled Caste | Central + State |
| ST | Scheduled Tribe | Central + State |
| OBC (BC1/BC2) | Backward Class | State-specific वर्गीकरण, Central में सिर्फ OBC |
| EBC | Extremely Backward Class | State-specific, केंद्र में OBC श्रेणी में गिना जाता है |
अगर आवेदक की जाति राज्य की OBC सूची में है, लेकिन केंद्र की सूची में नहीं है, तो केंद्र सरकार की नौकरी और परीक्षा में उसे General category माना जाएगा।
BC1, BC2 और EBC में क्या अंतर है
बिहार सरकार OBC वर्ग को राज्य स्तर पर तीन उप-वर्गों में बांटती है — BC1, BC2, और EBC। यह वर्गीकरण 1970 के दशक में Mungeri Lal Commission की सिफारिशों पर आधारित है, जिसने बिहार में पिछड़ी जातियों को “पिछड़ा” और “अत्यंत पिछड़ा” वर्गों में बांटने का सुझाव दिया था। इस वर्गीकरण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि OBC आरक्षण का लाभ वर्ग के भीतर अपेक्षाकृत अधिक पिछड़े समूहों तक भी पहुंचे, न कि सिर्फ बेहतर स्थिति वाली बड़ी जातियों तक सीमित रहे।
| उप-वर्ग | विवरण | उदाहरण जातियाँ |
|---|---|---|
| BC1 | अपेक्षाकृत अधिक पिछड़ी जातियाँ, कम प्रतिनिधित्व वाली | Yadav, Kurmi से भिन्न कुछ छोटी जातियाँ |
| BC2 | तुलनात्मक रूप से बेहतर स्थिति वाली पिछड़ी जातियाँ | Yadav, Kurmi, Koeri जैसी बड़ी जातियाँ |
| EBC | सबसे अधिक सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ी जातियाँ | Teli, Nishad, Bind, Mallah, Kumhar जैसी जातियाँ |
केंद्र सरकार इस तीन-स्तरीय विभाजन को नहीं मानती। केंद्र सरकार की सूची में BC1, BC2, और EBC — तीनों को मिलाकर सिर्फ एक “Central OBC List” के रूप में देखा जाता है। इसलिए किसी आवेदक की जाति राज्य सूची में चाहे किसी भी उप-वर्ग में हो, केंद्र सरकार की परीक्षा में उसे सिर्फ “OBC” के रूप में गिना जाता है, बशर्ते वह जाति Central OBC List में शामिल हो।
Bihar Caste Survey 2022-23 के आंकड़े — OBC की वास्तविक संख्या
बिहार सरकार ने 2 अक्टूबर 2023 को caste-based survey के आंकड़े प्रकाशित किए। यह survey 7 जनवरी 2023 से शुरू हुआ और राज्य की कुल 13,07,25,310 आबादी को cover करता है। इस survey में 209 उप-जातियों (sub-castes) की गिनती हुई।
| वर्ग | जनसंख्या प्रतिशत | अनुमानित संख्या |
|---|---|---|
| EBC (Extremely Backward Class) | 36.01% | 4.70 करोड़ |
| BC/OBC (Backward Class) | 27.12% | 3.54 करोड़ |
| SC (Scheduled Caste) | 19.65% | 2.56 करोड़ |
| General/Forward Caste | 15.52% | 2.02 करोड़ |
| ST (Scheduled Tribe) | 1.68% | 22 लाख |
EBC और OBC मिलाकर बिहार की कुल आबादी का 63.13% हिस्सा बनाते हैं। इसमें Yadav सबसे बड़ा उप-समूह है, जो राज्य की कुल आबादी का 14.26% है। अन्य प्रमुख EBC जातियों में Kurmi, Koeri, Teli, Kushwaha, Mali, Bind, Nishad, और Rajbhar शामिल हैं।
इसी survey के आंकड़ों को आधार बनाकर बिहार सरकार ने 2023 में आरक्षण 50% से बढ़ाकर 65% करने का प्रस्ताव पारित किया था। यह प्रस्ताव अभी अदालत में विवादित है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है।
OBC Certificate का उपयोग किन कामों में होता है
OBC caste certificate सिर्फ पहचान का दस्तावेज नहीं है। इसका उपयोग कई सरकारी और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में होता है।
- सरकारी नौकरी में आरक्षित सीट के लिए दावा करने में
- BPSC, SSC, UPSC, Railway, और Banking जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षित श्रेणी का लाभ लेने में
- स्कूल, कॉलेज, और विश्वविद्यालय में admission के समय सीट आरक्षण में
- Post-Matric और Pre-Matric scholarship के आवेदन में
- आयु सीमा में छूट (age relaxation) प्राप्त करने में
- परीक्षा या admission fee में छूट लेने में
- पंचायत और नगर निकाय के आरक्षित पदों पर चुनाव लड़ने में
इनमें से scholarship, आयु सीमा में छूट, और प्रतियोगी परीक्षा जैसे उपयोगों के लिए सामान्यतः OBC NCL certificate अलग से मांगा जाता है, सिर्फ caste certificate पर्याप्त नहीं होता।
जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाला प्राधिकरण
बिहार में caste certificate और NCL certificate अलग-अलग विभागों और अधिकारियों द्वारा जारी किए जाते हैं।
| Certificate | जारी करने वाला विभाग | जारी करने वाला अधिकारी |
|---|---|---|
| Caste Certificate | General Administration Department | Anchal Adhikari (CO) या SDO, आवेदन के level के अनुसार |
| OBC NCL Certificate | Social Security Department | RO (Revenue Officer), SDO, या DM |
आवेदन के समय चुना गया certificate level — Anchal या District — यह तय करता है कि आवेदन किस अधिकारी के पास सत्यापन के लिए जाएगा। जिला-स्तर के आवेदन में सत्यापन में अधिक समय लग सकता है, क्योंकि दस्तावेज कई स्तरों से होकर गुजरते हैं।
Caste Certificate बनाने की नई प्रक्रिया — 2026 का सबसे बड़ा बदलाव
बिहार के General Administration Department ने 2026 में caste certificate जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। पहले सिर्फ Aadhaar card और सामान्य जानकारी देने पर certificate बन जाता था। अब आवेदक को जाति से जुड़ा वैध दस्तावेज देना अनिवार्य है।
नीचे दी गई table पुरानी और नई प्रक्रिया का अंतर दिखाती है।
| पहलू | पुरानी प्रक्रिया | 2026 की नई प्रक्रिया |
|---|---|---|
| Aadhaar की भूमिका | अकेले Aadhaar से आवेदन स्वीकार होता था | Aadhaar अकेले पर्याप्त नहीं, जाति दस्तावेज अनिवार्य |
| परिवार का विवरण | जरूरी नहीं था | नाम, पिता का नाम, माता का नाम, विवाहित होने पर जीवनसाथी का नाम अनिवार्य |
| दस्तावेज upload | वैकल्पिक | अनिवार्य |
| सत्यापन | कमजोर | Site verification का प्रावधान |
| Fake certificate पर रोक | कम | सख्त |
| प्रक्रिया | Manual | Digital + Verification आधारित |
जाति प्रमाण के लिए राजस्व अभिलेख (revenue record) अब प्राथमिक दस्तावेज माना जाता है। इसमें खतियान (khatiyan), दानपत्र (danpatra), और भूमि से जुड़े अन्य दस्तावेज शामिल हैं। उदाहरण के लिए, अगर आवेदक के दादा या पिता के नाम पर पुराना खतियान मौजूद है, तो वह दस्तावेज caste certificate के लिए सीधा सबूत माना जाता है।
अगर आवेदक के पास कोई भी राजस्व अभिलेख उपलब्ध नहीं है, तो आवेदन में इसकी जानकारी देनी होती है। इस स्थिति में संबंधित अधिकारी site inspection करते हैं। अधिकारी आवेदक के गांव या निवास स्थान पर जाकर स्थानीय पंचायत और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर जाति की पुष्टि करते हैं। यह प्रक्रिया सामान्य आवेदन से अधिक समय ले सकती है।
Caste Certificate के लिए ज़रूरी दस्तावेज
- Aadhaar card
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर और ईमेल ID
- परिवार का पुराना caste certificate (यदि उपलब्ध हो)
- स्कूल या कॉलेज certificate जिसमें जाति दर्ज हो
- राजस्व अभिलेख — खतियान, दानपत्र, या भूमि दस्तावेज (कम से कम एक)
caste certificate की validity सामान्यतः lifetime होती है और इसे 7 से 15 कार्य दिवसों में जारी किया जाता है। एक बार जारी होने के बाद इसे बार-बार renew करने की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि कुछ केंद्रीय संस्थान आवेदन के समय हाल ही में जारी हुआ certificate मांग सकते हैं।
OBC NCL Certificate और ₹8 लाख income नियम
OBC certificate और OBC NCL (Non-Creamy Layer) certificate दो अलग दस्तावेज हैं। OBC certificate जाति सिद्ध करता है। NCL certificate यह सिद्ध करता है कि आवेदक का परिवार creamy layer में नहीं आता। आरक्षण का दावा करने के लिए दोनों दस्तावेज साथ में जमा करने होते हैं।
OBC NCL certificate के लिए income सीमा ₹8 लाख प्रति वर्ष है। यह सीमा DoPT के 13 सितंबर 2017 के आदेश से लागू है, जो पहले की ₹6 लाख सीमा से बढ़ाई गई थी। इसमें कृषि आय (agricultural income) शामिल नहीं होती। सिर्फ salary, business income, rent, professional fees, pension, और interest जैसी आय गिनी जाती है।
income का आकलन लगातार तीन पिछले financial years के आधार पर होता है। अगर किसी एक भी वर्ष में परिवार की आय ₹8 लाख से ऊपर जाती है, तो आवेदक NCL के लिए eligible नहीं माना जाता, भले ही बाकी दो वर्षों में आय सीमा के भीतर हो। उदाहरण के लिए, अगर आवेदक की पारिवारिक आय FY 2022-23 और FY 2023-24 में ₹7 लाख थी, लेकिन FY 2024-25 में ₹8.5 लाख हो गई, तो आवेदक creamy layer में गिना जाएगा।
State NCL और Central NCL में अंतर
| विशेषता | State NCL | Central NCL |
|---|---|---|
| उपयोग | BPSC, BSSC, CSBC, बिहार की राज्य नौकरियाँ | SSC, Railway, UPSC, Banking (IBPS/SBI/RBI) |
| Validity | 3 वर्ष | 1 वर्ष |
| Renewal | 3 वर्ष बाद फिर से आवेदन | हर वर्ष नया आवेदन |
| Level परिवर्तन | आवेदन के बाद level नहीं बदला जा सकता | आवेदन के बाद level नहीं बदला जा सकता |
केंद्र सरकार की नौकरी के लिए NCL certificate की उम्र 12 महीने से कम होनी चाहिए। State NCL certificate केंद्र सरकार की नौकरी में स्वीकार नहीं होता। अगर आवेदक गलत प्रकार का NCL certificate जमा करता है, तो आवेदन सीधे reject हो जाता है।
Creamy Layer में कौन शामिल है
Creamy layer में वे परिवार आते हैं जो नीचे दी गई किसी भी शर्त को पूरा करते हैं:
- माता-पिता में से कोई एक Group A (Class I) केंद्र या राज्य सरकार का अधिकारी हो
- माता-पिता दोनों Group B अधिकारी हों और 40 वर्ष की आयु से पहले Group A में promote हुए हों
- माता-पिता में से कोई सेना में Colonel या उससे ऊँचे पद पर हो
- माता-पिता में से कोई संवैधानिक पद (जैसे Judge या Chief Secretary) पर हो
Form XI क्या है और यह NCL Certificate से कैसे अलग है
Form XI एक self-declaration affidavit है, जिस पर आवेदक और उसके माता-पिता दोनों के signature होते हैं। NCL certificate सरकार द्वारा जारी दस्तावेज है, जबकि Form XI आवेदक स्वयं तैयार करता है।
Form XI में यह जानकारी शामिल होती है:
- आवेदक का नाम, जन्मतिथि, जाति और उप-जाति
- पिता और माता के employment व income का विवरण
- परिवार की कुल आय (कृषि आय को छोड़कर)
- यह घोषणा कि परिवार सरकार के creamy layer नियमों के अंतर्गत नहीं आता
- Notary द्वारा attestation
Form XI, NCL certificate जमा करने के समय भी लगता है और परीक्षा फॉर्म भरते समय दोबारा नए sign के साथ जमा करना पड़ता है। यह फॉर्म RTPS से मुफ्त डाउनलोड किया जा सकता है।
Creamy Layer तय करने का नया नियम — 2026
Union of India v. Rohith Nathan मामले में मार्च 2026 में यह स्पष्ट किया गया कि सिर्फ salary के आधार पर creamy layer तय नहीं किया जा सकता। इस नियम के अनुसार, माता-पिता का पद और service group (Group A/B बनाम Group C/D) भी creamy layer status तय करने में स्वतंत्र रूप से भूमिका निभाता है, चाहे उनकी salary कितनी भी हो।
यह फैसला 11 मार्च 2026 को Justice Pamidighantam Sri Narasimha और Justice R. Mahadevan की bench ने सुनाया। Court ने यह भी स्पष्ट किया कि 1993 के मूल Office Memorandum को 2004 के clarificatory letter से नहीं बदला जा सकता, और PSU व private sector कर्मचारियों के बच्चों के साथ सरकारी कर्मचारियों के बच्चों से अलग व्यवहार करना असंवैधानिक है। सरकार को इस फैसले को लागू करने के लिए छह महीने का समय दिया गया है।
इसका व्यावहारिक असर यह है कि सिर्फ income certificate दिखाना पर्याप्त नहीं है। आवेदक को माता-पिता के पद और employment group का प्रमाण भी देना होता है। उदाहरण के लिए, अगर पिता Group B अधिकारी हैं और उनकी salary ₹8 लाख की सीमा के भीतर है, फिर भी अगर वे 40 वर्ष की आयु से पहले Group A में promote हुए हों, तो परिवार creamy layer में गिना जाएगा।
65% Reservation Case — मौजूदा स्थिति
बिहार सरकार ने नवंबर 2023 में दो कानून पारित किए थे — Bihar Reservation of Vacancies in Posts and Services (Amendment) Act, 2023 और Bihar (In Admission in Educational Institutions) Reservation (Amendment) Act, 2023। इन कानूनों से SC, ST, EBC और OBC के लिए कुल आरक्षण 50% से बढ़ाकर 65% किया गया था। यह बढ़ोतरी ऊपर बताए गए Bihar Caste Survey 2022-23 के आंकड़ों पर आधारित थी।
संशोधित प्रतिशत के अनुसार SC को 20%, ST को 2%, EBC को 25%, और OBC को 18% आरक्षण मिलना तय हुआ था।
20 जून 2024 को Patna High Court ने इस 65% आरक्षण कानून को असंवैधानिक घोषित किया। मुख्य न्यायाधीश K Vinod Chandran और न्यायाधीश Harish Kumar की bench ने कहा कि यह वृद्धि Indra Sawhney मामले (1992) में तय की गई 50% सीमा का उल्लंघन करती है। Court ने यह भी बताया कि EWS के 10% आरक्षण को जोड़ने पर कुल आरक्षण 75% तक पहुँच जाता है, जो असंवैधानिक है। Court ने यह टिप्पणी भी की कि सरकार ने आरक्षण बढ़ाने से पहले पर्याप्त विश्लेषण नहीं किया।
बिहार सरकार ने इस फैसले को Supreme Court में चुनौती दी। 29 जुलाई 2024 को मुख्य न्यायाधीश DY Chandrachud की bench ने Patna High Court के फैसले पर रोक लगाने से इनकार किया, लेकिन राज्य सरकार की अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार किया।
जब तक Supreme Court अंतिम निर्णय नहीं देता, तब तक बिहार में आरक्षण की स्थिति कानूनी रूप से 50% सीमा पर वापस आ गई है। इसका सीधा असर OBC, EBC, SC, और ST वर्ग के उम्मीदवारों की सीट संख्या पर पड़ता है, क्योंकि 65% वाला प्रावधान अदालत में रुका हुआ है।
बिहार में OBC आरक्षण से जुड़ी समयरेखा
नीचे दी गई तालिका बिहार में OBC आरक्षण से जुड़े मुख्य घटनाक्रमों की तारीखें दिखाती है।
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 6 जून 2022 | बिहार सरकार ने gazette notification से caste-based survey की घोषणा की |
| 7 जनवरी 2023 | Caste survey का data collection शुरू हुआ |
| 2 अक्टूबर 2023 | Caste survey के आंकड़े सार्वजनिक किए गए |
| 9 नवंबर 2023 | बिहार विधानसभा ने आरक्षण 50% से 65% करने वाले दो संशोधन विधेयक पारित किए |
| 21 नवंबर 2023 | संशोधित आरक्षण कानूनों की gazette notification जारी हुई |
| 20 जून 2024 | Patna High Court ने 65% आरक्षण कानून को असंवैधानिक घोषित किया |
| 29 जुलाई 2024 | Supreme Court ने Patna High Court के फैसले पर रोक लगाने से इनकार किया, अपील सुनवाई के लिए स्वीकार की |
| 2026 | Caste certificate जारी करने की प्रक्रिया में दस्तावेज-आधारित सत्यापन अनिवार्य किया गया |
यह समयरेखा दिखाती है कि caste certificate की प्रक्रिया और reservation प्रतिशत — दोनों बदलाव आपस में जुड़े हुए हैं। Caste survey के आंकड़ों ने ही reservation बढ़ाने के प्रस्ताव की बुनियाद बनाई थी।
Caste Certificate और OBC NCL Certificate के लिए पात्रता
आवेदक को नीचे दी गई सभी शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी हो
- आवेदक की जाति बिहार सरकार की आधिकारिक OBC/BC/EBC सूची में शामिल हो
- आवेदक के पास पहचान प्रमाण (Aadhaar card) उपलब्ध हो
- आवेदक के पास जाति से जुड़ा कम से कम एक वैध दस्तावेज हो
- NCL certificate के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से कम हो
- आवेदक creamy layer की किसी श्रेणी में न आता हो
SC और ST वर्ग के आवेदकों को NCL certificate की आवश्यकता नहीं होती। यह certificate सिर्फ OBC, BC, और EBC वर्ग के आवेदकों के लिए अनिवार्य है।
Caste Certificate बनाम OBC NCL Certificate — दस्तावेजों की तुलना
आवेदकों को अक्सर यह स्पष्ट नहीं होता कि किस certificate के लिए कौन सा दस्तावेज चाहिए। नीचे दी गई तालिका दोनों certificate के दस्तावेजों की तुलना करती है।
| दस्तावेज | Caste Certificate के लिए | OBC NCL Certificate के लिए |
|---|---|---|
| Aadhaar card | अनिवार्य | अनिवार्य |
| राजस्व अभिलेख (खतियान/दानपत्र) | अनिवार्य (या site inspection) | आवश्यक नहीं |
| Income certificate | आवश्यक नहीं | अनिवार्य, 6 महीने से पुराना नहीं |
| Form XI | आवश्यक नहीं | अनिवार्य |
| माता-पिता का employment प्रमाण | आवश्यक नहीं | अनिवार्य |
| पासपोर्ट फोटो और signature | अनिवार्य | अनिवार्य |
यह तुलना दिखाती है कि OBC NCL certificate के लिए caste certificate की तुलना में अधिक दस्तावेज चाहिए, क्योंकि इसमें income और employment दोनों का सत्यापन होता है। इसलिए ज़्यादातर आवेदक पहले caste certificate बनवाते हैं और उसके बाद NCL certificate के लिए आवेदन करते हैं।
Online Apply कैसे करें
बिहार में caste certificate और OBC NCL certificate दोनों RTPS (Right to Public Service) पोर्टल के माध्यम से बनते हैं। नीचे दिए गए steps दोनों certificate पर लागू होते हैं।
- serviceonline.bihar.gov.in पर MeriPehchaan SSO से login करें
- “Apply Online” में RTPS Services चुनें
- Caste certificate के लिए General Administration Department चुनें, NCL certificate के लिए Social Security Department चुनें
- Certificate level चुनें — State या Central (NCL के लिए यह चुनाव बाद में नहीं बदला जा सकता)
- व्यक्तिगत जानकारी भरें — नाम, पिता का नाम, माता का नाम, पता
- Aadhaar OTP से verify करें
- आवश्यक दस्तावेज scan करके upload करें, जिसमें फोटो और signature भी शामिल हैं
- फॉर्म की जानकारी दोबारा जांचें और गलती होने पर Edit विकल्प से सुधारें
- Submit बटन दबाएं और acknowledgement slip सुरक्षित रखें
- 7 से 21 कार्य दिवसों में certificate जारी होता है
Application का status check करने के लिए portal पर “Check Application Status” विकल्प में application number दर्ज करें। Certificate जारी होने के बाद उसे “Download Certificate” विकल्प से PDF में डाउनलोड किया जा सकता है और DigiLocker से भी sync किया जा सकता है।
आवेदन Reject होने के मुख्य कारण
| कारण | समाधान |
|---|---|
| Income certificate 6 महीने से पुराना | नया income certificate बनवाएं |
| पिता के employment का प्रमाण गायब | Salary slip, pension order, या business proof जोड़ें |
| Form XI पर माता-पिता के signature नहीं | Notary से signature और stamp करवाएं |
| Caste certificate की जानकारी बेमेल | RTPS caste certificate से नाम की spelling मिलाएं |
| परिवार की आय ₹8 लाख से अधिक | आवेदक NCL के लिए eligible नहीं है |
| केंद्र सरकार की नौकरी के लिए State NCL जमा किया गया | Central NCL के लिए अलग से आवेदन करें |
| राजस्व अभिलेख न होना और site inspection विकल्प न चुनना | आवेदन में स्पष्ट रूप से site inspection का अनुरोध करें |
फर्जी Certificate से जुड़े जोखिम
RTPS पोर्टल पर caste certificate और OBC NCL certificate बनवाना पूरी तरह निःशुल्क है। कुछ private एजेंट certificate जल्दी बनवाने के नाम पर शुल्क मांगते हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। फर्जी income certificate या फर्जी caste certificate जमा करने पर certificate रद्द किया जा सकता है और आवेदक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। आवेदन सिर्फ serviceonline.bihar.gov.in जैसे आधिकारिक .bihar.gov.in या .gov.in डोमेन से ही करना चाहिए।
आम तौर पर देखे गए फर्जीवाड़े की तीन श्रेणियाँ हैं:
- NCL certificate जल्दी बनवाने के नाम पर ₹1,500 से ₹3,000 तक शुल्क मांगना, जबकि यह सेवा RTPS पर निःशुल्क है
- Form XI पर हस्ताक्षर कराने के नाम पर शुल्क लेना, जबकि Notary शुल्क सामान्यतः ₹50 से ₹100 के बीच होता है
obc-ncl-bihar.comजैसी नकली वेबसाइटों के माध्यम से आवेदन कराना, जो सरकारी पोर्टल नहीं हैं
अगर कोई व्यक्ति या वेबसाइट अतिरिक्त शुल्क मांगती है, तो आवेदक को सीधे official RTPS पोर्टल या rtps.org.in के माध्यम से सही जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
Certificate Renew कब कराना पड़ता है
Caste certificate की validity lifetime होने के कारण उसे renew करने की सामान्यतः आवश्यकता नहीं होती। इसके विपरीत, NCL certificate की validity सीमित होती है, इसलिए renewal एक नियमित प्रक्रिया है।
- State NCL certificate की validity समाप्त होने पर 3 वर्ष बाद दोबारा पूरी प्रक्रिया से आवेदन करना होता है
- Central NCL certificate की validity 1 वर्ष होने के कारण हर परीक्षा चक्र से पहले नया certificate बनवाना पड़ता है
- नाम, पता, या वैवाहिक स्थिति में बदलाव होने पर caste certificate भी दोबारा बनवाना पड़ सकता है
- renewal के लिए पुराना application number और updated income certificate साथ रखना आवश्यक है
renewal की प्रक्रिया नए आवेदन जैसी ही है। इसमें अलग से किसी “renewal form” का प्रावधान नहीं है, बल्कि RTPS पोर्टल पर फिर से नया आवेदन दर्ज करना होता है।
संबंधित गाइड
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- OBC सर्टिफिकेट (Non-Creamy Layer) कैसे बनवाएं: Fee, Documents और Validity
- जाति प्रमाण पत्र कैसे बनाएं 2026: फीस, दस्तावेज़ और पूरी प्रक्रिया
- RTPS होमपेज पर वापस जाएं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
बिहार में OBC certificate की validity कितनी है?
Caste certificate की validity सामान्यतः lifetime होती है। OBC NCL certificate की validity अलग होती है — State NCL के लिए 3 वर्ष और Central NCL के लिए 1 वर्ष।
क्या सिर्फ Aadhaar card से caste certificate बन सकता है?
नहीं। 2026 की नई प्रक्रिया के अनुसार Aadhaar card अकेला पर्याप्त नहीं है। जाति से जुड़ा कम से कम एक वैध दस्तावेज देना अनिवार्य है।
OBC NCL certificate के लिए income सीमा क्या है?
Income सीमा ₹8 लाख प्रति वर्ष है, जिसमें कृषि आय शामिल नहीं होती। यह सीमा तीन पिछले financial years के आधार पर आंकी जाती है।
राजस्व अभिलेख उपलब्ध न हो तो क्या करें?
आवेदक site inspection विकल्प चुन सकता है। इसके बाद संबंधित अधिकारी स्थानीय स्तर पर जाति की पुष्टि करते हैं।
State NCL certificate क्या केंद्र सरकार की नौकरी में मान्य है?
नहीं। केंद्र सरकार की नौकरी के लिए अलग से Central NCL certificate आवश्यक है, जो 12 महीने से पुराना नहीं होना चाहिए।
क्या राज्य की OBC सूची में शामिल जाति केंद्र में भी मान्य होती है?
हमेशा नहीं। अगर जाति सिर्फ राज्य सूची में है और केंद्र सूची में नहीं है, तो केंद्र सरकार की परीक्षा और नौकरी में आवेदक को General category माना जाता है।
बिहार में EBC और OBC की कुल जनसंख्या कितनी है?
Bihar Caste Survey 2022-23 के अनुसार EBC और OBC मिलाकर राज्य की कुल आबादी का 63.13% हिस्सा बनाते हैं।
बिहार में 65% आरक्षण की वर्तमान स्थिति क्या है?
Patna High Court ने 20 जून 2024 को 65% आरक्षण कानून को असंवैधानिक घोषित किया था। बिहार सरकार की अपील Supreme Court में लंबित है।
Form XI और OBC NCL certificate में क्या अंतर है?
NCL certificate सरकार द्वारा जारी किया जाता है और आवेदक की creamy layer status को प्रमाणित करता है। Form XI आवेदक और उसके माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित self-declaration है, जो अलग से जमा करनी होती है।
OBC certificate आवेदन कहाँ जमा होता है?
आवेदन serviceonline.bihar.gov.in के RTPS पोर्टल पर online जमा होता है। संबंधित सेवाओं की पूरी जानकारी rtps.org.in पर भी उपलब्ध है।
BC1 और BC2 में क्या अंतर है?
BC1 और BC2 बिहार सरकार द्वारा OBC वर्ग के अंदर बनाए गए दो राज्य-स्तरीय उप-वर्ग हैं। यह विभाजन सिर्फ राज्य सरकार की नौकरियों और परीक्षाओं में लागू होता है, केंद्र सरकार इसे मान्यता नहीं देती।
क्या caste certificate को renew करना पड़ता है?
नहीं, caste certificate की validity lifetime होती है। सिर्फ नाम, पता, या वैवाहिक स्थिति बदलने पर नया certificate बनवाना पड़ सकता है।
OBC certificate किन प्राधिकरणों द्वारा जारी किया जाता है?
Caste certificate General Administration Department के अंतर्गत Anchal Adhikari या SDO जारी करते हैं। OBC NCL certificate Social Security Department के अंतर्गत RO, SDO, या DM जारी करते हैं।
अगर parents सरकारी नौकरी में Group C या D पद पर हैं, तो क्या creamy layer लागू होगा?
नहीं। Group C और Group D पद वाले परिवार creamy layer में नहीं आते, बशर्ते उनकी कुल वार्षिक आय ₹8 लाख की सीमा के भीतर हो।
Caste certificate और OBC NCL certificate किस विभाग द्वारा जारी होते हैं?
Caste certificate General Administration Department जारी करता है, जबकि OBC NCL certificate Social Security Department जारी करता है। दोनों की प्रक्रिया RTPS पोर्टल पर अलग-अलग विकल्पों से शुरू होती है।
बिहार में OBC आरक्षण का आधार क्या है?
मौजूदा आरक्षण प्रतिशत 1970 के दशक के Mungeri Lal Commission की सिफारिशों और Bihar Caste Survey 2022-23 के आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें EBC और OBC मिलाकर राज्य की 63.13% आबादी दर्ज हुई है।
क्या Site Inspection के बाद caste certificate जारी होने की गारंटी है?
नहीं। Site inspection के बाद अगर अधिकारी को स्थानीय रिकॉर्ड और पंचायत से जाति की पुष्टि नहीं मिलती, तो आवेदन reject किया जा सकता है।
आवेदन से पहले की जांच सूची
आवेदन जमा करने से पहले नीचे दी गई सूची से सभी दस्तावेजों की स्थिति जांच लें। इससे आवेदन reject होने की संभावना कम हो जाती है।
- Aadhaar card में नाम और जन्मतिथि की spelling caste certificate से मेल खाती है या नहीं, जांचें
- राजस्व अभिलेख (खतियान/दानपत्र) उपलब्ध है या site inspection के लिए तैयार हैं, यह तय करें
- Income certificate 6 महीने से पुराना तो नहीं है, यह देखें
- माता-पिता के employment का दस्तावेज (salary slip, pension order, या business proof) तैयार रखें
- Form XI पर आवेदक और दोनों माता-पिता के signature और Notary attestation है या नहीं, पुष्टि करें
- State NCL या Central NCL — किस level के लिए आवेदन करना है, यह पहले से तय कर लें, क्योंकि यह बाद में नहीं बदला जा सकता
- Passport size photo और signature scan तय size (सामान्यतः 300 KB से कम) में तैयार रखें
इस सूची को पूरा करने के बाद ही RTPS पोर्टल पर आवेदन शुरू करें, क्योंकि अधूरे दस्तावेजों के साथ जमा किया गया आवेदन सीधे reject हो सकता है।
निष्कर्ष
बिहार में OBC से जुड़ा नियम अब सिर्फ caste certificate बनवाने तक सीमित नहीं है। दस्तावेज सत्यापन सख्त हुआ है, creamy layer तय करने का तरीका बदला है, और 65% आरक्षण का मामला अब भी अदालत में है। आवेदन जमा करने से पहले caste certificate, income certificate, और Form XI — तीनों दस्तावेज अलग-अलग तैयार रखें, क्योंकि 2026 की प्रक्रिया में कोई भी एक दस्तावेज अधूरा होने पर आवेदन रद्द हो सकता है।
आवेदक को तीन बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पहला, caste certificate और NCL certificate दोनों अलग-अलग प्रक्रिया से बनते हैं, इसलिए दोनों के लिए समय से पहले आवेदन करें। दूसरा, State और Central NCL में से सही level चुनें, क्योंकि यह चुनाव बाद में नहीं बदला जा सकता। तीसरा, 65% आरक्षण के मामले में Supreme Court का फैसला आने तक मौजूदा 50% सीमा के अनुसार सीट संख्या की गणना करें।
नवीनतम स्थिति की पुष्टि सीधे serviceonline.bihar.gov.in या rtps.org.in से करें, क्योंकि reservation प्रतिशत और certificate की प्रक्रिया दोनों में बदलाव की संभावना बनी रहती है।
