पिछले महीने सीतामढ़ी के एक college student का scholarship form सिर्फ़ इसलिए reject हो गया क्योंकि उसने गलत income certificate अपलोड किया था — document सही था, बस certificate का प्रकार गलत था। उसे EWS वाला income-and-asset certificate चाहिए था, उसने regular वाला बनवा लिया। यही confusion सबसे ज़्यादा लोगों को होता है, और यह guide ठीक वहीं से शुरू होती है।
RTPS Bihar (serviceonline.bihar.gov.in) से income certificate बनवाना पूरी तरह free और online है। लेकिन सही certificate पहचानना, सही level चुनना और reject होने पर आगे क्या करना है — असली काम यही है, form भरना नहीं।
आय प्रमाण पत्र क्या है
आय प्रमाण पत्र एक सरकारी document है जो आपकी या आपके परिवार की सालाना income प्रमाणित करता है। इसे अंचल अधिकारी (Circle Officer) जारी करते हैं। scholarship, fee-माफी, EWS reservation, बैंक loan और कई सरकारी योजनाओं में यह अनिवार्य होता है।
validity सिर्फ़ 1 साल की होती है, इसलिए हर साल दोबारा बनवाना पड़ता है — यह जाति certificate जैसा नहीं है, जो एक बार बनने पर जीवन भर चलता है।
आपको कौन-सा income certificate चाहिए?
यहीं सबसे ज़्यादा गड़बड़ होती है। नाम एक जैसा लगता है, पर काम अलग-अलग होता है।
- Regular Income Certificate — bank loan, admission और आम सरकारी कामों के लिए
- EWS Income and Asset Certificate — सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमज़ोर आवेदकों के लिए, पारिवारिक income ₹8 लाख से कम होनी चाहिए
- OBC/EBC छात्रवृत्ति के लिए income proof — राज्य स्तर की scholarship योजनाओं की सीमा आमतौर पर इससे कम रहती है
- Central Sector Scholarship के लिए income proof — केंद्र सरकार की योजनाओं की सीमा अलग होती है
ध्यान रहे, OBC reservation के लिए सिर्फ़ जाति certificate काफी नहीं होता — साथ में अलग से NCL certificate भी चाहिए होता है। 2026 में OBC से जुड़े कुछ नियम भी बदले हैं, इसलिए अपनी category पहले confirm कर लें।
exact income limit योजना और साल के हिसाब से बदलती रहती है। form भरने से पहले संबंधित योजना की सीमा एक बार verify कर लेना बेहतर रहता है — यह एक मिनट का काम बाद की परेशानी से बचा देता है।
पात्रता और ज़रूरी documents
आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए। 18 साल से कम उम्र वालों की तरफ़ से माता-पिता आवेदन कर सकते हैं।
document की list applicant के प्रकार पर निर्भर करती है:
- सभी के लिए: आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज़ photo, निवास प्रमाण पत्र
- वेतनभोगी: salary slip या नियोक्ता का प्रमाण पत्र
- पेंशनभोगी: pension slip
- किसान या self-employed: आय की स्व-घोषणा (self-declaration), राशन कार्ड
अगर निवास certificate पहले से नहीं बना है, तो income certificate से पहले वह बनवा लेना आसान रास्ता है, ताकि address verification में दिक्कत न आए। documents scan करते समय साफ़, सीधी और पूरी copy अपलोड करें — धुंधली या तिरछी scan copy की वजह से भी कई applications रुक जाते हैं।
मंज़ूरी कौन देता है
income certificate के आवेदन ज़्यादातर मामलों में अंचल अधिकारी (Circle Officer) स्तर पर ही मंज़ूर हो जाते हैं, और यही सबसे तेज़ स्तर भी है। अगर तय समय के भीतर वहां से जवाब नहीं मिलता, तो आवेदन अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के पास भेजा जाता है, और ज़रूरत पड़ने पर ज़िलाधिकारी (DM) तक भी जा सकता है। status page पर संबंधित अधिकारी का नाम और पदनाम दिख जाता है, इसलिए देरी होने पर सही जगह पूछताछ करना आसान रहता है — पूरे block office में इधर-उधर पूछते फिरने की ज़रूरत नहीं।
Online न बने तो
हर किसी के पास smartphone या तेज़ internet नहीं होता। ऐसे में नज़दीकी वसुधा केंद्र (Common Service Centre) पर जाकर मामूली सेवा शुल्क देकर वही online आवेदन करवाया जा सकता है — यह कोई shortcut नहीं, बल्कि सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विकल्प है। बस documents खुद साथ ले जाने होते हैं।
फीस — और scam से कैसे बचें
पूरी प्रक्रिया 100% free है। कोई अधिकारी, कोई agent, कोई website पैसे मांगे तो समझ लीजिए गड़बड़ है। कुछ third-party sites पर “अभी अप्लाई करें” जैसे बटन सीधे payment page पर ले जाते हैं, जबकि official process में कहीं भुगतान नहीं होता। ऐसा कुछ दिखे तो हमेशा serviceonline.bihar.gov.in ही इस्तेमाल करें, और शिकायत के लिए 181 पर कॉल करें।
Online आवेदन कैसे करें
- Login करें — serviceonline.bihar.gov.in खोलें और MeriPehchaan (JanParichay) से login करें। 2026 से यह login अनिवार्य है, पुराना username-password अब काम नहीं करता।
- Service चुनें — बाईं तरफ़ “RTPS Services” में “सामान्य प्रशासन विभाग” चुनें, फिर “आय प्रमाण-पत्र का निर्गमन” पर click करें।
- Level चुनें — पहली बार में हमेशा अंचल स्तर (Revenue Officer Level) चुनें। सीधे SDO या DM level पर apply नहीं किया जा सकता।
- Form भरें — नाम, पता, माता-पिता का नाम अंग्रेज़ी में type करें, portal खुद हिंदी में convert कर देगा। form में income के 4 अलग sources पूछे जाते हैं — Salary, Agriculture, Business और Other Sources। जिस category में income नहीं है, वहां भी 0 भरना ज़रूरी है, खाली नहीं छोड़ सकते।
- Aadhaar OTP verify करें — आधार से जुड़े mobile पर OTP आएगा। यह step 2026 से हर application में अनिवार्य है।
- Documents upload करें — photo JPEG में 50KB से कम, बाकी documents PDF में 200KB से कम रखें। मोबाइल से खींची photo अक्सर बड़ी होती है, upload से पहले compress ज़रूर करें।
- Submit करें — Application Reference Number मिलेगा, उसका screenshot तुरंत ले लें। यही number status check और download, दोनों में काम आएगा।
Status कैसे check करें और certificate download
Portal पर “आवेदन की स्थिति देखें” में जाकर reference number डालें। एक कम जानी बात — RTPS [Application ID] लिखकर 56060 पर SMS भी भेजा जा सकता है।
status “निर्गत” या “Delivered” दिखने से पहले download करने की कोशिश मत कीजिए, इससे अक्सर खाली PDF मिलती है। “निर्गत” दिखने के बाद भी करीब 24 घंटे रुक जाना बेहतर है, ताकि digital signature पूरी तरह attach हो जाए। certificate DigiLocker पर भी अपने आप उपलब्ध हो जाता है।
आमतौर पर पूरी process में 7 से 15 working days लगते हैं।
आवेदन reject हो जाए तो
document सही होने पर भी कभी-कभी application reject हो जाता है — और यहीं ज़्यादातर guide रुक जाती हैं। असल में rejection कोई अंत नहीं है, बस एक पड़ाव है।
status page पर rejection की वजह लिखी होती है, पहले वह पढ़ें। वजह justified न लगे तो rtpsappeal.bihar.gov.in पर जाकर Appellate Officer के पास appeal दर्ज कर सकते हैं। इसकी कोई fee नहीं है, और हर appeal को अलग reference number मिलता है। अगर वजह वाकई documents की कमी थी, तो appeal से पहले वह पूरी कर लेना ज़्यादा समझदारी है।
सबसे आम गलतियां
नाम की spelling आधार से मेल न खाना rejection की सबसे बड़ी वजह है — अंग्रेज़ी से हिंदी में convert होने के बाद नाम एक बार फिर से जांच लें। दूसरी आम गलती है गलत level चुनना, यानी सीधे SDO या DM स्तर पर apply करने की कोशिश करना, जबकि शुरुआत हमेशा अंचल स्तर से ही होनी चाहिए।
तीसरी गलती जल्दबाज़ी में होती है — “Forwarded” या “Under Process” वाली status पर ही certificate download करने की कोशिश। इससे टूटी हुई या खाली PDF मिलती है, और लोग समझते हैं कि portal में ही कोई गड़बड़ी है, जबकि असल वजह सिर्फ़ जल्दबाज़ी होती है। “निर्गत” दिखने का इंतज़ार करना ही सबसे आसान समाधान है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या हर साल दोबारा बनवाना पड़ता है?
हाँ, validity सिर्फ़ 1 साल की है, इसलिए ज़रूरत पड़ने पर हर बार नए सिरे से apply करना होगा।
किसान की income कैसे प्रमाणित होगी?
Self-declaration के ज़रिए, साथ में राशन कार्ड और भूमि से जुड़े documents मदद करते हैं।
पति की income गिनी जाएगी या पिता की?
पारिवारिक income certificate में साथ रहने वाले परिवार की कुल income गिनी जाती है — शादीशुदा महिला आवेदकों के लिए अक्सर यही confusion रहता है।
मोबाइल से apply कर सकते हैं?
हां, पर Chrome browser इस्तेमाल करें। WhatsApp या Facebook के अंदर खुलने वाला browser अक्सर form ठीक से load नहीं करता।
क्या माता-पिता दोनों की income certificate अलग-अलग बनवानी पड़ती है?
आमतौर पर नहीं। परिवार का एक साझा income certificate ज़्यादातर योजनाओं के लिए काफी होता है, जब तक संबंधित scheme अलग से न मांगे।
अगर application बिना ठोस वजह के बार-बार reject हो रहा है तो क्या करें?
हर बार दोबारा apply करने की बजाय appeal portal का इस्तेमाल करें। appeal दर्ज होते ही एक नया अधिकारी case देखता है, जिससे अक्सर मूल आवेदन पर भी हलचल शुरू हो जाती है।
आखिरी बात
form भरना सबसे आसान हिस्सा है। असली फ़र्क तब पड़ता है जब सही certificate पहचाना जाए, सही level चुना जाए, और reject होने पर appeal का रास्ता पता हो। यह जानकारी समय-समय पर बदल सकती है, इसलिए apply करने से पहले serviceonline.bihar.gov.in पर मौजूदा जानकारी एक बार ज़रूर देख लें।
बिहार के दूसरे प्रमाणपत्रों की step-by-step प्रक्रिया RTPS पर एक ही जगह दी गई है।
सरकारी नौकरी के आवेदन में income certificate के साथ अक्सर चरित्र प्रमाण पत्र भी मांगा जाता है।

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