बिहार भूलेख 2026: खसरा, खतौनी, जमाबंदी 10 मिनट में देखें

बिहार में किसी भी जमीन का खसरा, खतौनी और जमाबंदी पंजी-II biharbhumi.bihar.gov.in portal पर मुफ्त में online देखा जा सकता है। इसके लिए सिर्फ district, अंचल और मौजा का नाम चाहिए। ध्यान दें: फीस, समय-सीमा और helpline नंबर समय के साथ बदल सकते हैं। आवेदन से पहले आधिकारिक portal biharbhumi.bihar.gov.in पर मौजूदा जानकारी ज़रूर जांच…

बिहार में किसी भी जमीन का खसरा, खतौनी और जमाबंदी पंजी-II biharbhumi.bihar.gov.in portal पर मुफ्त में online देखा जा सकता है। इसके लिए सिर्फ district, अंचल और मौजा का नाम चाहिए।

ध्यान दें: फीस, समय-सीमा और helpline नंबर समय के साथ बदल सकते हैं। आवेदन से पहले आधिकारिक portal biharbhumi.bihar.gov.in पर मौजूदा जानकारी ज़रूर जांच लें।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार इस record को Land Record Management System (LRMS) के तहत maintain करता है। इस guide में khasra, khatauni और jamabandi देखने की पूरी process के साथ यह भी बताया गया है कि अप्रैल 2026 से यही document RTPS निवास प्रमाण पत्र (Residence Certificate) के आवेदन में भी अनिवार्य हो गया है।

बिहार भूलेख क्या है और biharbhumi.bihar.gov.in पोर्टल कैसे काम करता है

बिहार भूलेख राज्य के सभी भूमि record का digital database है। पोर्टल पर तीन प्रकार के document उपलब्ध हैं:

  • खसरा (खेसरा नंबर): एक plot की पहचान संख्या
  • खतौनी: एक रैयत के सभी खसरों की सूची
  • जमाबंदी पंजी-II: स्वामित्व और लगान का पूरा record

मुख्य portal biharbhumi.bihar.gov.in है। land map के लिए bhunaksha.bihar.gov.in और mutation-status/correction के लिए parimarjan.bihar.gov.in अलग portal हैं।

खसरा, खतौनी और जमाबंदी में क्या फर्क है

Termपरिभाषाक्या दिखाता है
खसरा/खेसरा नंबरएक plot की पहचान संख्याplot का क्षेत्रफल, प्रकार, स्थिति
खतौनीएक रैयत के सभी खसरों की सूचीएक व्यक्ति के गांव के सभी plots
जमाबंदी पंजी-IIखाता के स्वामित्व और लगान का recordमालिक का नाम, रकबा, लगान राशि

जमाबंदी पंजी को औपचारिक रूप से रजिस्टर-II भी कहा जाता है: दोनों एक ही document हैं।

अपना खाता (जमाबंदी) ऑनलाइन कैसे देखें: स्टेप बाय स्टेप

  1. biharbhumi.bihar.gov.in खोलें
  2. “Jamabandi Register” या “अपना खाता देखें” चुनें
  3. district, अनुमंडल, अंचल और मौजा चुनें: जैसे मुजफ्फरपुर जिले का मुशहरी अंचल, और उसके भीतर कोई मौजा (गांव)
  4. search विकल्प चुनें: खाता संख्या, खेसरा संख्या या रैयत का नाम
  5. जानकारी भरकर Search दबाएं
  6. RoR (Record of Rights) screen पर आएगा: मालिक का नाम, रकबा और खाता-खेसरा विवरण

एक ही खेसरा नंबर पर कई नाम दिखें तो रैयत के नाम की spelling आधार/सरकारी record जैसी रखें। spelling अलग होने पर search खाली आ सकती है।

खेसरा नंबर से जमीन की जानकारी कैसे निकालें

  1. district और अंचल चुनें
  2. मौजा चुनें
  3. खेसरा नंबर दर्ज करें
  4. search करें: plot का रकबा, प्रकार और मालिक का नाम screen पर आएगा

खाता नंबर उपलब्ध न होने पर भी यह तरीका काम करता है।

भू-नक्शा ऑनलाइन कैसे देखें: RS और CS सर्वे का फर्क

RS (Revisional Survey) और CS (Cadastral Survey) बिहार में अलग-अलग समय पर हुए दो भूमि सर्वेक्षण हैं। एक ही plot के खसरा नंबर दोनों सर्वे में अलग हो सकते हैं। गलत survey type चुनने पर plot नहीं मिलता।

राज्य में विशेष भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त 2026 चल रहा है, जिसकी समयसीमा दिसंबर 2026 तय की गई है। इसमें किस्तवार, खानापुरी और त्रि-सीमांकन शामिल है, जो कई मौजा में खसरा नंबर बदल सकता है। पुराना खसरा नंबर bhu-naksha पर काम न करे, तो DLRS portal (dlrs.bihar.gov.in) पर नए सर्वे की स्थिति जांचें।

  1. bhunaksha.bihar.gov.in खोलें
  2. View Map चुनें
  3. District, Sub Division, Circle, Mauza, Survey Type (RS/CS), Sheet Number चुनें
  4. प्लॉट क्लिक करें: खेसरा नंबर, रकबा और चौहदी (boundary) दिखेगी
  5. LPM Report से PDF download करें

रजिस्टर-II और पुराना खतियान (2006 से पहले का रिकॉर्ड) कैसे देखें

  1. Advanced Search चुनें
  2. तीन में से एक विकल्प चुनें: Online Registration (2016 से अब तक), Post Computerisation (2006–2015), Pre Computerisation (2005 से पहले)
  3. रैयत का नाम, वर्ष सीमा और party type भरें
  4. View पर click करें: पुराना record screen पर आएगा

दाखिल-खारिज (Mutation) आवेदन और स्थिति कैसे देखें

दाखिल-खारिज वह process है जिसमें जमीन खरीदने, बेचने, विरासत या दान के बाद मालिक का नाम सरकारी record में बदला जाता है।

आवेदन:

  1. biharbhumi.bihar.gov.in पर registration/login करें
  2. “ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन” चुनें
  3. मौजा, खाता-खेसरा, जमीन का प्रकार (खरीद/विरासत/दान) भरें
  4. जरूरी documents upload करें: रजिस्टर्ड बैनामा/विरासत प्रमाण, पहचान पत्र, जमीन की रसीद, वंशावली
  5. form check करके submit करें, acknowledgement (case number) सुरक्षित रखें

स्थिति जांचें:

  1. parimarjan.bihar.gov.in पर Mutation Status खोलें
  2. district, अंचल और वित्तीय वर्ष चुनें
  3. case number, deed number, मौजा या plot number से search करें
  4. captcha भरकर वर्तमान status देखें: लंबित/स्वीकृत/अस्वीकृत

processing की समय-सीमा अंचल कार्यालय के कार्यभार पर निर्भर करती है।

जमाबंदी/खतौनी में गलती हो तो परिमार्जन से सुधार कैसे करें

  1. parimarjan.bihar.gov.in पर login/register करें
  2. गलत जमाबंदी को search करके सुधार आवेदन भरें
  3. सुधार का प्रमाण (सही document की copy) upload करें
  4. आवेदन submit कर उसी portal से status track करें

भूलेख रिकॉर्ड और निवास प्रमाण पत्र (RTPS) का कनेक्शन: 2026 का नया नियम

अप्रैल 2026 से RTPS Bihar portal (serviceonline.bihar.gov.in) पर निवास प्रमाण पत्र के आवेदन में एक अतिरिक्त शर्त जुड़ी है। आधार के साथ नीचे दिए गए document में से कोई एक अब अनिवार्य है:

  • वोटर आईडी (आवेदक के अपने नाम पर)
  • राजस्व record: खसरा या खतौनी
  • भूमिहीनों को आवंटित भूमि का record
  • LPC (भू-कब्ज़ा प्रमाण पत्र)
  • नाम सहित राशन कार्ड

biharbhumi.bihar.gov.in से download की गई जमाबंदी नक़ल या खतौनी अब निवास प्रमाण पत्र आवेदन में valid supporting document के तौर पर इस्तेमाल हो सकती है।

आवेदक के नाम पर कोई भूमि/राजस्व document न हो (जैसे किरायेदार या भूमिहीन आवेदक), तो RTPS form में “Site Inspection Request” विकल्प चुना जा सकता है, जिसके बाद संबंधित अधिकारी सत्यापन के लिए मौके पर आते हैं। निवास certificate की वैधता 3 वर्ष है, और सामान्य processing समय 7–15 कार्य दिवस है।

ज़रूरी Bihar भूमि पोर्टल: एक तालिका में पूरी तुलना

Portalसेवा
biharbhumi.bihar.gov.inअपना खाता, जमाबंदी पंजी, दाखिल-खारिज आवेदन
bhunaksha.bihar.gov.inभू-नक्शा (land map)
parimarjan.bihar.gov.inmutation status, जमाबंदी सुधार
bhulagan.bihar.gov.inभू-लगान भुगतान
bhumijankari.bihar.gov.inपुराना record, Encumbrance certificate
dlrs.bihar.gov.inविशेष सर्वेक्षण form, वंशावली
serviceonline.bihar.gov.inRTPS certificates: जाति, आय, निवास

जमीन खरीदने से पहले भूलेख से जरूर चेक करें ये बातें

  • जमाबंदी पंजी-II में नाम विक्रेता के नाम से मिलाएं
  • भू-नक्शा से रकबा और सीमा जांचें
  • भू-लगान बकाया न होने की पुष्टि करें
  • अंचल कार्यालय से पिछले दाखिल-खारिज का record देखें
  • विवाद या बंटवारा पेंडिंग न होने की पुष्टि अंचल कार्यालय से करें

आम समस्याएं और उनके समाधान

समस्याकारणसमाधान
नाम/spelling mismatchdocument में spelling अलग-अलगआधार जैसी exact spelling डालें
blank/broken PDFगलत survey type या status अभी pendingसही survey type चुनें, “निर्गत” status का इंतज़ार करें
पुराना खसरा नंबर नक्शे में नहीं मिलताविशेष सर्वेक्षण से नंबर बदला हो सकता हैDLRS portal पर नए सर्वे की स्थिति जांचें
record portal पर update नहींविभाग ने अभी digitize नहीं कियाअंचल कार्यालय से संपर्क करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भूलेख से जुड़ी सहायता

biharbhumi.bihar.gov.in, bhunaksha.bihar.gov.in और parimarjan.bihar.gov.in: इन तीन portal से खसरा, खतौनी, जमाबंदी और mutation से जुड़ी हर जानकारी मिल जाती है। समस्या होने पर हेल्पलाइन 18003456215 पर संपर्क करें।

यही record अब RTPS निवास प्रमाण पत्र आवेदन में supporting document के तौर पर भी काम आता है। पूरी प्रक्रिया के लिए निवास प्रमाण पत्र की पूरी guide पढ़ें।

बिहार भूलेख पोर्टल पर खसरा, खतौनी और जमाबंदी पंजी-II ऑनलाइन देखें: 2026 का पूरा प्रोसेस, ज़रूरी documents और निवास certificate से इसका सीधा कनेक्शन भी जानें।

खसरा और खतौनी में क्या अंतर है?

खसरा एक plot की पहचान संख्या है, जबकि खतौनी एक रैयत के सभी खसरों की सूची है।

क्या ऑनलाइन जमाबंदी नक़ल कानूनी रूप से मान्य है?

ऑनलाइन जमाबंदी नक़ल सूचना के लिए मान्य है; कानूनी कार्य के लिए अंचल कार्यालय से certified copy चाहिए।

रजिस्टर-II और जमाबंदी पंजी में क्या फर्क है?

दोनों एक ही document हैं: जमाबंदी पंजी को औपचारिक रूप से रजिस्टर-II कहा जाता है।

जमाबंदी में गलती हो तो कहां शिकायत करें?

parimarjan.bihar.gov.in पर सुधार आवेदन दें, या संबंधित अंचल कार्यालय से संपर्क करें।

निवास प्रमाण पत्र के लिए कौन सा भूमि document चाहिए?

खसरा, खतौनी, LPC या भूमिहीनों को आवंटित भूमि का record: इनमें से कोई एक अप्रैल 2026 से आधार के साथ अनिवार्य है।

विशेष भूमि सर्वेक्षण 2026 की समयसीमा क्या है?

सरकार ने दिसंबर 2026 तय की है।

भूमि record के अलावा जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र की पूरी प्रक्रिया rtps.org.in पर उपलब्ध है।

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