दाखिल-खारिज ऑनलाइन कैसे करें? बिहार में आवेदन की पूरी प्रक्रिया

बिहार में दाखिल-खारिज (Mutation) के लिए आवेदन बिहारभूमि के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाता है। आवेदक को मोबाइल नंबर से लॉगिन या रजिस्ट्रेशन करना होता है, जिला और अंचल चुनना होता है, जमीन तथा संबंधित पक्षों का विवरण भरना होता है और अधिकार प्राप्त करने से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। आवेदन जमा…

बिहार में ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन के 10 चरणों का process flow

बिहार में दाखिल-खारिज (Mutation) के लिए आवेदन बिहारभूमि के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाता है। आवेदक को मोबाइल नंबर से लॉगिन या रजिस्ट्रेशन करना होता है, जिला और अंचल चुनना होता है, जमीन तथा संबंधित पक्षों का विवरण भरना होता है और अधिकार प्राप्त करने से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। आवेदन जमा होने के बाद मिलने वाला Token Number सुरक्षित रखें, क्योंकि इसकी मदद से आगे की स्थिति देखी जा सकती है।

आधिकारिक पोर्टल: biharbhumi.bihar.gov.in

यह गाइड बिहार में जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया के लिए है। दूसरे राज्यों में जमीन के रिकॉर्ड और आवेदन की प्रक्रिया अलग हो सकती है।

दाखिल-खारिज क्या है?

दाखिल-खारिज वह राजस्व प्रक्रिया है जिसमें जमीन पर अधिकार प्राप्त करने के बाद संबंधित राजस्व रिकॉर्ड में नए रैयत का नाम दर्ज किया जाता है और पुराने रिकॉर्ड में आवश्यक बदलाव किया जाता है। इसे अंग्रेजी में Mutation कहा जाता है।

उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति रजिस्टर्ड बिक्री विलेख के माध्यम से जमीन खरीदता है, तो वह संबंधित जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने के लिए दाखिल-खारिज का आवेदन कर सकता है।

ध्यान दें: दाखिल-खारिज और जमीन की रजिस्ट्री अलग-अलग प्रक्रियाएँ हैं। दाखिल-खारिज से राजस्व रिकॉर्ड अपडेट होता है; केवल Mutation Entry को जमीन के स्वामित्व का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं मानना चाहिए।

बिहार में दाखिल-खारिज ऑनलाइन कैसे करें?

बिहार में दाखिल-खारिज का आवेदन बिहारभूमि पोर्टल पर ऑनलाइन जमा किया जाता है। आवेदन से पहले यह जाँच लें कि विक्रेता या पूर्व जमाबंदी रैयत की ऑनलाइन जमाबंदी में संबंधित खाता, खेसरा और पर्याप्त रकबा दर्ज है। जमाबंदी और खतियान जैसे भूमि अभिलेख देखने का तरीका बिहार भूलेख की गाइड में विस्तार से दिया गया है।

चरण 1: बिहारभूमि का आधिकारिक पोर्टल खोलें

biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएँ। होमपेज पर ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन करें विकल्प चुनें।

हमेशा आधिकारिक सरकारी पोर्टल का ही उपयोग करें। किसी अनजान वेबसाइट पर OTP, लॉगिन विवरण या संवेदनशील दस्तावेज साझा न करें।

चरण 2: लॉगिन करें या नया रजिस्ट्रेशन करें

अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। यदि आपका खाता नहीं है, तो पोर्टल पर उपलब्ध रजिस्ट्रेशन विकल्प से नया खाता बनाएँ।

बिहारभूमि की FAQ आवेदक को अपने लॉगिन से आवेदन करने की सलाह देती है, ताकि वह बाद में आवेदन की स्थिति देख सके और आवश्यक कार्रवाई कर सके।

चरण 3: जिला और अंचल चुनें

लॉगिन करने के बाद संबंधित जिला और अंचल चुनें। इसके बाद नया दाखिल-खारिज आवेदन करने का विकल्प उपलब्ध होने पर उसे चुनें।

जमीन का जिला, अंचल और मौजा सही चुनना जरूरी है। गलत स्थान चुनने से जमीन के रिकॉर्ड का मिलान करने में परेशानी हो सकती है।

चरण 4: आवेदक का विवरण भरें

आवेदन फॉर्म में माँगी गई व्यक्तिगत जानकारी भरें। नाम और अन्य विवरण उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार दर्ज करें।

चरण 5: जमीन का विवरण दर्ज करें

जमीन से संबंधित आवश्यक जानकारी भरें, जैसे:

  • खाता संख्या
  • खेसरा संख्या
  • रकबा यानी जमीन का क्षेत्रफल
  • जमाबंदी से संबंधित विवरण
  • पोर्टल द्वारा माँगी गई अन्य जानकारी

फॉर्म में उपलब्ध विकल्पों के अनुसार विवरण दर्ज करें। खाता, खेसरा और रकबा का रिकॉर्ड से मिलान किए बिना आवेदन अंतिम रूप से जमा न करें।

चरण 6: क्रेता, वंशज या हिस्सेदार का विवरण भरें

जमीन पर अधिकार किस आधार पर प्राप्त हुआ है, उसके अनुसार क्रेता, वंशज या हिस्सेदार का विवरण भरें। खरीद, उत्तराधिकार और बँटवारे के मामलों में संबंधित पक्षों तथा दस्तावेजों की जरूरत अलग हो सकती है।

चरण 7: विक्रेता या पूर्व जमाबंदी रैयत का विवरण भरें

विक्रेता या पूर्व जमाबंदी रैयत का विवरण संबंधित ऑनलाइन जमाबंदी से मिलाएँ। बिहारभूमि के अनुसार, संबंधित जमाबंदी ऑनलाइन उपलब्ध होनी चाहिए और उसमें आवेदन वाली जमीन का खाता, खेसरा तथा पर्याप्त रकबा दर्ज होना चाहिए।

यदि रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं है या विवरण में गलती है, तो पहले उपयुक्त सुधार प्रक्रिया पूरी करें। इसके लिए Parimarjan Plus की जरूरत पड़ सकती है।

चरण 8: जरूरी दस्तावेज अपलोड करें

जमीन पर अधिकार प्राप्त करने के आधार के अनुसार आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। उदाहरण के लिए, खरीद के मामले में रजिस्टर्ड बिक्री विलेख और उत्तराधिकार के मामले में मृत्यु प्रमाणपत्र तथा वंशावली से संबंधित दस्तावेज माँगे जा सकते हैं।

पोर्टल पर बताए गए दस्तावेजों और फाइल संबंधी निर्देशों का पालन करें। केवल अनुमान के आधार पर किसी दस्तावेज को अनिवार्य या पर्याप्त न मानें।

चरण 9: आवेदन की जाँच और OTP सत्यापन करें

प्रत्येक सेक्शन भरने के बाद Save & Next का उपयोग करें। सभी जानकारी पूरी होने के बाद पोर्टल के निर्देशानुसार क्रेता के मोबाइल नंबर का OTP सत्यापन करें।

इसके बाद आवेदन का Preview ध्यान से देखें। नाम, जमीन का विवरण, रकबा और अपलोड किए गए दस्तावेजों में गलती हो तो अंतिम सबमिशन से पहले सुधारें।

चरण 10: Final Submit करें और Token Number सुरक्षित रखें

सभी विवरण सही होने पर Final Submit पर क्लिक करें। आवेदन जमा होने के बाद मिलने वाली पावती डाउनलोड या प्रिंट कर लें।

पावती पर दिया गया Token Number सुरक्षित रखें। यह आवेदन से संबंधित आगे की जानकारी प्राप्त करने में उपयोगी होता है।

आवेदन की प्रक्रिया और उपलब्ध विकल्पों की पुष्टि बिहारभूमि की आधिकारिक FAQ से करें।

दाखिल-खारिज के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?

बिहार में दाखिल-खारिज के दस्तावेज इस बात पर निर्भर करते हैं कि जमीन पर अधिकार कैसे प्राप्त हुआ है। सभी मामलों के लिए एक ही दस्तावेज सूची लागू नहीं होती।

जमीन पर अधिकार प्राप्त करने का आधारआधिकारिक FAQ में बताए गए संबंधित दस्तावेज
खरीद या दानरजिस्टर्ड दस्तावेज, जैसे बिक्री विलेख या दान विलेख
अदला-बदलीरजिस्टर्ड अदला-बदली दस्तावेज
बँटवारालागू मामले के अनुसार न्यायालय का बँटवारा आदेश, रजिस्टर्ड बँटवारा विलेख या स्वीकार्य सहमति एवं बँटवारे के प्रमाण
उत्तराधिकार या बिना वसीयत के मृत्युमृत्यु प्रमाणपत्र और वंशावली
वसीयतवसीयत और जहाँ लागू हो, Probate Order
न्यायालय के आदेश से अधिकारसंबंधित आदेश की प्रति
सार्वजनिक भूमि के बंदोबस्त या हस्तांतरण का मामलासंबंधित पर्चा या लागू आधिकारिक दस्तावेज
भूमि अधिग्रहणसंबंधित अधिसूचना और अवार्ड की प्रति

यह तालिका सामान्य मार्गदर्शन है। जमीन के मामले, अधिकार के आधार और संबंधित रिकॉर्ड के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज माँगे जा सकते हैं। बिहारभूमि की आधिकारिक FAQ और आवेदन फॉर्म में दिए गए निर्देशों को अंतिम आधार मानें।

दाखिल-खारिज के लिए कितने दिनों के भीतर आवेदन करना चाहिए?

बिहारभूमि की आधिकारिक FAQ के अनुसार, अधिकार प्राप्त करने के 90 दिनों के भीतर दाखिल-खारिज का आवेदन नहीं कर पाने पर आवेदन के साथ विलंब माफी याचिका लगानी होती है। विलंब माफी पर अंचल अधिकारी मामले की योग्यता के आधार पर निर्णय लेते हैं।

इसलिए जमीन खरीदने या अन्य तरीके से अधिकार प्राप्त करने के बाद आवेदन में अनावश्यक देरी न करें।

बिहार में दाखिल-खारिज की फीस कितनी है?

बिहारभूमि की आधिकारिक FAQ के अनुसार, दाखिल-खारिज की सरकारी प्रक्रिया निःशुल्क है।

यदि कोई व्यक्ति सहायता लेकर फॉर्म भरवाता है, तो वह अलग सेवा शुल्क माँग सकता है। ऐसे किसी शुल्क को सरकारी Mutation Fee न समझें। किसी भी भुगतान से पहले आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान निर्देश जाँचें।

दाखिल-खारिज में कितना समय लगता है?

बिहारभूमि की आधिकारिक FAQ में सामान्यतः बिना आपत्ति वाले मामलों के निष्पादन के लिए आवेदन प्राप्त होने से 35 कार्य दिवस और आपत्ति वाले मामलों के लिए सुनवाई तथा साक्ष्य का अवसर देने के बाद 75 कार्य दिवस की समय-सीमा बताई गई है।

ये आधिकारिक FAQ में दी गई समय-सीमाएँ हैं, व्यक्तिगत आवेदन के निपटारे की गारंटी नहीं। दस्तावेजों में कमी, रिकॉर्ड में अंतर, आपत्ति या अन्य प्रक्रियात्मक कारणों से मामले की स्थिति अलग हो सकती है। अपने आवेदन का वास्तविक स्टेटस आधिकारिक पोर्टल पर देखें।

दाखिल-खारिज आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें?

बिहार दाखिल-खारिज आवेदन का online status check करने की प्रक्रिया

बिहार में ऑनलाइन दाखिल-खारिज का स्टेटस बिहारभूमि पोर्टल पर देखा जा सकता है।

  1. biharbhumi.bihar.gov.in खोलें।
  2. दाखिल-खारिज आवेदन स्थिति देखें विकल्प चुनें।
  3. पोर्टल पर माँगी गई जानकारी भरें, जैसे जिला, अंचल, केस नंबर और वित्तीय वर्ष।
  4. Search या उपलब्ध संबंधित बटन पर क्लिक करें।
  5. स्क्रीन पर दिखाई गई स्थिति और आगे की कार्रवाई के निर्देश पढ़ें।

यदि आवेदन में त्रुटि जाँचनी है, तो पोर्टल पर उपलब्ध दाखिल-खारिज त्रुटि जांच या Mutation Defect Check Status विकल्प देखें। आवेदन वापस किए जाने या सुधार माँगे जाने की स्थिति में संबंधित कारण पढ़ें और उसी के अनुसार सुधार करें।

आवेदन में गलती हो जाए या आवेदन वापस आ जाए तो क्या करें?

यदि आवेदन की जाँच के दौरान कमी पाई जाती है, तो पोर्टल पर दिए गए कारण और निर्देशों के अनुसार सुधार करें। बिहारभूमि में आवेदन से संबंधित सुधार या वापस किए गए आवेदन की स्थिति देखने के लिए उपलब्ध विकल्पों का उपयोग करें।

क्या करें:

  • गलती का कारण ध्यान से पढ़ें।
  • जमीन के रिकॉर्ड और अपलोड किए गए दस्तावेजों का मिलान करें।
  • नाम, खाता, खेसरा या रकबा में अंतर हो तो पहले पता करें कि सुधार आवेदन में चाहिए या मूल जमाबंदी रिकॉर्ड में।
  • यदि पूर्व जमाबंदी ऑनलाइन नहीं है या उसमें जमीन का विवरण गलत या अधूरा है, तो लागू स्थिति में Parimarjan Plus के माध्यम से रिकॉर्ड सुधारने की प्रक्रिया देखें।
  • सुधार के बाद पोर्टल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार आवेदन दोबारा जमा करें।

रिकॉर्ड में सुधार की प्रक्रिया और दाखिल-खारिज आवेदन की प्रक्रिया अलग हो सकती हैं। इसलिए आवेदन की त्रुटि को समझे बिना नया आवेदन बार-बार जमा न करें।

जमाबंदी ऑनलाइन नहीं दिख रही है तो क्या करें?

यदि विक्रेता या पूर्व जमाबंदी रैयत की जमाबंदी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है, या संबंधित खाता, खेसरा और रकबा दर्ज नहीं हैं, तो पहले रिकॉर्ड की समस्या दूर करनी पड़ सकती है।

बिहारभूमि का आधिकारिक पोर्टल ऐसी स्थिति में Parimarjan Plus के माध्यम से जमाबंदी ऑनलाइन कराने या संबंधित विवरण में सुधार कराने की सलाह देता है। रिकॉर्ड सही होने के बाद दाखिल-खारिज के लिए आवेदन करें। अपनी मौजूदा जमाबंदी ऑनलाइन कैसे खोजें, यह बिहार भूलेख गाइड में बताया गया है।

दाखिल-खारिज के आवेदन पर आपत्ति कैसे दर्ज करें?

यदि किसी दाखिल-खारिज वाद से संबंधित व्यक्ति को आपत्ति है, तो बिहारभूमि पोर्टल पर उपलब्ध दाखिल-खारिज वाद पर आपत्ति दर्ज करें विकल्प का उपयोग किया जा सकता है।

आवेदक को संबंधित वाद खोजना, आपत्ति दर्ज करना और समर्थन में आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना होता है। आपत्ति में तथ्य स्पष्ट रखें और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर अपना पक्ष प्रस्तुत करें।

आवेदन की स्थिति और मामले के अनुसार आगे की प्रक्रिया अलग हो सकती है। यदि विवाद जमीन के स्वामित्व, हिस्सेदारी या न्यायालयी आदेश से जुड़ा है, तो योग्य भूमि-कानून विशेषज्ञ से सलाह लें।

दाखिल-खारिज से जुड़े आम सवाल

क्या दाखिल-खारिज ऑनलाइन किया जा सकता है?

हाँ। बिहार में दाखिल-खारिज का आवेदन बिहारभूमि के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाता है। आवेदन के लिए मोबाइल नंबर से लॉगिन या रजिस्ट्रेशन और जमीन से संबंधित आवश्यक विवरण तथा दस्तावेजों की जरूरत होती है।

क्या दाखिल-खारिज के लिए कोई सरकारी फीस लगती है?

बिहारभूमि की आधिकारिक FAQ के अनुसार दाखिल-खारिज निःशुल्क है। किसी निजी व्यक्ति या सेवा प्रदाता द्वारा फॉर्म भरने के लिए लिया गया शुल्क अलग हो सकता है।

Token Number क्या होता है?

Token Number आवेदन जमा करने के बाद मिलने वाली पावती पर दिया गया संदर्भ नंबर है। इसे सुरक्षित रखें, क्योंकि आवेदन की आगे की स्थिति जानने के लिए इसकी जरूरत पड़ सकती है।

क्या जमीन खरीदने के बाद दाखिल-खारिज अपने आप हो जाता है?

जमीन खरीदने के बाद राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए संबंधित दाखिल-खारिज प्रक्रिया पूरी करनी होती है। रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज को एक ही प्रक्रिया न समझें। अपने मामले के अनुसार बिहारभूमि के निर्देशों का पालन करें।

क्या बिना ऑनलाइन जमाबंदी के दाखिल-खारिज हो सकता है?

बिहारभूमि की FAQ के अनुसार संबंधित विक्रेता या पूर्व जमाबंदी रैयत की जमाबंदी ऑनलाइन उपलब्ध होनी चाहिए और उसमें संबंधित खाता, खेसरा तथा पर्याप्त रकबा दर्ज होना चाहिए। रिकॉर्ड अनुपलब्ध या अधूरा होने पर पहले सुधार की जरूरत हो सकती है।

क्या दाखिल-खारिज ही जमीन के मालिक होने का अंतिम प्रमाण है?

नहीं। दाखिल-खारिज राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव की प्रक्रिया है। स्वामित्व से संबंधित विवाद या कानूनी अधिकारों का निर्धारण केवल Mutation Entry के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।

आवेदन की स्थिति कहाँ देखें?

बिहारभूमि पोर्टल पर दाखिल-खारिज आवेदन स्थिति देखें विकल्प का उपयोग करें। आवेदन के लिए उपलब्ध केस नंबर, जिला, अंचल और वित्तीय वर्ष जैसी जानकारी दर्ज करनी पड़ सकती है।

क्या दूसरे राज्यों में भी यही प्रक्रिया है?

नहीं। यह लेख बिहार की प्रक्रिया पर आधारित है। दूसरे राज्यों में पोर्टल, दस्तावेज, समय-सीमा और आवेदन की प्रक्रिया अलग हो सकती है।

निष्कर्ष

बिहार में दाखिल-खारिज ऑनलाइन करने के लिए बिहारभूमि पोर्टल पर आवेदन करें, जमीन के विवरण और पूर्व जमाबंदी की जाँच करें, अधिकार प्राप्त करने के आधार के अनुसार दस्तावेज अपलोड करें और Final Submit के बाद Token Number सुरक्षित रखें। आवेदन में गलती या रिकॉर्ड की कमी होने पर पोर्टल के निर्देशों के अनुसार सुधार करें।

जमीन से जुड़े दस्तावेज अक्सर निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र जैसे RTPS आवेदनों में भी माँगे जाते हैं। इन सेवाओं की पूरी जानकारी RTPS Bihar की मुख्य guide में दी गई है।

महत्वपूर्ण: RTPS.org.in एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है, बिहार सरकार या बिहारभूमि पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट नहीं। आवेदन, दस्तावेज, फीस, समय-सीमा और नवीनतम निर्देशों की पुष्टि हमेशा संबंधित सरकारी पोर्टल से करें।

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