Editorial & Corrections Policy
सरकारी प्रक्रिया की जानकारी तभी काम की है जब उस पर भरोसा किया जा सके। इसलिए यह पेज खुला रखा गया है — ताकि आप जान सकें कि RTPS.org.in पर जो लिखा है वह कहाँ से आया, किसने लिखा, और गलत निकलने पर उसका क्या होता है।
यह website किसकी है, और किसकी नहीं
RTPS.org.in एक स्वतंत्र सूचनात्मक website है। इसका बिहार सरकार, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, ServicePlus या किसी भी सरकारी निकाय से कोई संबंध नहीं है — न आधिकारिक, न अनौपचारिक। हम सरकार की ओर से नहीं बोलते।
हम वही करते हैं जो एक अच्छा नोट करता है: कई पोर्टल और अधिसूचनाओं में बिखरी हुई जानकारी पढ़कर, उसे उसी क्रम में लगाते हैं जिस क्रम में एक आवेदक को काम करना पड़ता है। आवेदन, मंजूरी और certificate — ये तीनों काम सिर्फ सरकारी पोर्टल पर होते हैं, इस website पर नहीं।
guide कौन लिखता है
हर guide RTPS Desk तैयार करती है — एक शोध और डॉक्यूमेंटेशन टीम जो सरकारी पोर्टल, आधिकारिक FAQ और विभागीय अधिसूचनाएँ पढ़कर प्रक्रिया को सादी भाषा में लिखती है। टीम का कोई सदस्य किसी सरकारी विभाग का कर्मचारी नहीं है।
हम लेखक का निजी नाम प्रकाशित नहीं करते, और इसकी वजह साफ़ है: यहाँ किसी की राय नहीं छपती। जो छपता है वह सरकारी दस्तावेज का सार है, और उसकी ज़िम्मेदारी पूरी टीम की है। सवाल, आपत्ति या सुधार के लिए एक ही पता है — support@rtps.org.in — और वहीं से जवाब भी आता है। टीम के काम करने के तरीके पर और विस्तार RTPS Desk पेज पर है।
जानकारी कहाँ से आती है
हर तथ्य किसी सरकारी पेज, आधिकारिक FAQ, अधिसूचना या अधिनियम से आता है। हम दूसरी निजी websites, YouTube वीडियो या WhatsApp पर घूमते संदेशों को स्रोत नहीं मानते — चाहे वे कितने भी लोकप्रिय हों।
किस guide के पीछे कौन-सा पोर्टल या दस्तावेज है, इसकी पूरी सूची स्रोत और संदर्भ पेज पर दी गई है।
एक guide बनने तक क्या होता है
पहले संबंधित सरकारी पोर्टल और उसकी आधिकारिक FAQ पढ़ी जाती है। फिर पूरी प्रक्रिया को स्टेप में तोड़ा जाता है — ठीक उसी क्रम में जिस क्रम में स्क्रीन पर सामने आते हैं। शुल्क, समय-सीमा और दस्तावेज की सूची अलग से मिलाई जाती है, क्योंकि यही तीन चीज़ें सबसे ज़्यादा बदलती हैं और सबसे ज़्यादा नुकसान पहुँचाती हैं। प्रकाशन से पहले संख्याएँ, तारीखें और पोर्टल के नाम दोबारा जाँचे जाते हैं।
जहाँ नियम साफ़ नहीं होता
कुछ बातें सरकारी दस्तावेजों में भी स्पष्ट नहीं होतीं — जैसे किसी खास मामले में कौन-सा document मान्य होगा, या किसी कार्यालय में व्यवहार में क्या चलता है।
ऐसी जगह पर हम अनुमान नहीं लिखते। हम साफ़ लिखते हैं कि यह स्थिति पर निर्भर करता है और संबंधित कार्यालय या पोर्टल से पुष्टि कर लेनी चाहिए। अधूरी जानकारी को अधूरा कहना, उसे पूरा दिखाने से बेहतर है।
इसी वजह से हम कभी यह नहीं लिखते कि आपका आवेदन कितने दिन में मंजूर होगा या ज़रूर मंजूर होगा। अधिनियम में दी गई समय-सीमा एक कानूनी प्रावधान है, किसी एक आवेदन की गारंटी नहीं।
हम क्या नहीं करते
- किसी की ओर से आवेदन जमा नहीं करते।
- कोई certificate जारी या download नहीं करते।
- किसी आवेदन की स्थिति न बदलवा सकते हैं, न तेज़ करा सकते हैं।
- आधार नंबर, OTP, password या किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं मांगते।
- किसी एजेंट, दलाल या निजी सेवा की सिफारिश नहीं करते।
अगर कोई हमारे नाम पर पैसे या दस्तावेज मांगे, तो वह हमारा प्रतिनिधि नहीं है। ऐसी घटना की जानकारी हमें ज़रूर दें।
गलती दिखे तो क्या करें
सरकारी प्रक्रियाएँ बदलती रहती हैं, और कभी-कभी हमसे भी चूक होती है। अगर कहीं कुछ गलत या पुराना लगे, तो बताने में संकोच न करें।
support@rtps.org.in पर तीन चीज़ें भेज दें: पेज का link, वह पंक्ति जो गलत लगी, और आपके अनुसार सही जानकारी क्या है। साथ में किसी सरकारी पेज का link या अधिसूचना हो तो और बेहतर — उससे जाँच तेज़ हो जाती है।
हम आम तौर पर 2–3 कार्य दिवस में जवाब देते हैं। उसके बाद:
| जाँच में क्या निकला | हम क्या करते हैं |
|---|---|
| जानकारी सचमुच गलत या पुरानी थी | संबंधित हिस्सा सुधारते हैं और पेज की अंतिम अपडेट तारीख बदलते हैं |
| बदलाव बड़ा है — शुल्क, समय-सीमा या पात्रता | सुधार के साथ पेज पर लिखते हैं कि पहले क्या था और कब बदला |
| जानकारी सही थी, पर उलझन पैदा कर रही थी | भाषा साफ़ करते हैं, तथ्य वही रहता है |
| स्रोत से मेल नहीं खाया | आपको कारण समेत जवाब देते हैं, पेज वैसा ही रहता है |
गलती छिपाई नहीं जाती। अगर हमसे कुछ गलत छपा था, तो सुधार के साथ यह भी दर्ज होता है कि पहले क्या लिखा था — चुपचाप बदलकर आगे बढ़ जाना पाठक के साथ ठीक नहीं होगा।
पेज कब दोबारा जाँचे जाते हैं
आवेदन प्रक्रिया, शुल्क या समय-सीमा से जुड़े पेज साल में कम-से-कम एक बार दोबारा जाँचे जाते हैं। इसके अलावा, जैसे ही किसी नए नियम या अधिसूचना की खबर मिलती है, संबंधित पेज उसी समय अपडेट किया जाता है। हर पेज पर अंतिम अपडेट की तारीख दिखती है, ताकि आप खुद अंदाज़ा लगा सकें कि जानकारी कितनी ताज़ा है।
विज्ञापन और संपादकीय स्वतंत्रता
इस website पर विज्ञापन दिखाए जा सकते हैं। विज्ञापनदाता यह तय नहीं करते कि हम क्या लिखें, किस सेवा पर guide बनाएँ, या किसी प्रक्रिया को कैसा बताएँ। किसी विज्ञापन के बदले कोई guide नहीं लिखी जाती।
विज्ञापन को content जैसा दिखाने की कोशिश भी नहीं की जाती — जो विज्ञापन है वह विज्ञापन ही दिखना चाहिए। cookies और विज्ञापन से जुड़ी पूरी जानकारी Privacy Policy में है।
असहमति या शिकायत
अगर आपको लगता है कि किसी पेज से भ्रम फैल रहा है, या कोई सामग्री आपके अधिकारों का उल्लंघन करती है, तो उसी email पर लिखें। विषय में “शिकायत” लिख दें ताकि वह पहले देखी जा सके। हम सारी शिकायतें पढ़ते हैं, भले ही हर बार सहमत न हों — और असहमत होने पर वजह बताते हैं।
संपर्क
सुधार, सुझाव, शिकायत या किसी भी सवाल के लिए support@rtps.org.in पर लिखें, या संपर्क पेज का form भरें। हिंदी और अंग्रेज़ी, दोनों में जवाब मिलेगा।
